Sunday, April 8, 2018

प्यार

ओस की बूँद का
सारी रात फूल पर बिताना
सूरज की नज़रों से बचने को
दिन चढ़े फ़ना हो जाना
प्यार है

माथे पे पसीना
आंखों में चमक
दो जून की रोटी कमाना
मिट्टी में मिट्टी होकर
ऊपर देख मुस्कुराना
प्यार है

गुलाब के फूलों का
तोहफा नहीं
सारे गुलाब बेचकर
उसके लिए ले जाना
अखबार के टुकड़े में लिपटी
कुछ मिठाई
प्यार है

अंग्रेजी के तीन लफ्ज़ नहीं
या हिन्दी के ढ़ाई आखर नहीं
इनके साथ जुड़ी
हर साँस हर धड़कन
प्यार है

गगन

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