Tuesday, October 29, 2019

तू जैसे कहे

जान हथेली पर रख कर तेरे दर आए हैं
ठुकरा दे या कर ले प्यार ये तेरी मर्जी है
प्यार में उसके हिस्से के आंसू भी मैंने पिए
अजब इश्क़ की प्यास में ऐसी ही खुदगर्ज़ी है
जिन्दगी तेरे इम्तिहां जो अब तक पास किए
कोई सर्टिफिकेट तो दे दे या सारे ही फ़र्जी हैं
कैसे काटें, छोटी-बड़ी या कोई फिटिंग करें
तेरे लिए अ' जिन्दगी कहाँ बैठा वो दर्ज़ी है
ये रोज़ रोज़ के नाज़ो नखरे सहन नहीं होते
छोड़ो गगन ये उनका चमन, वक्त की अर्ज़ी है


Tuesday, October 22, 2019

जय हरियाणा

हरियाणा की माट्टी चंदन, हरियाणा की धरती पावन
या धरती तो सोन्ना उगलै, इस पै म्हानैं मान सै
दुश्मन नै ये धूल चटावैं, प्हाड़ां म्हैं भी लड़कै आवैं
आड़ै के वीराँ नै राक्खी, भारत मां की लाज सै
मर्द मुच्छैल अड़ै के छोरे, गळ म्हैं तबीजी काले डोरे
छैल गाबरू बांके गोरे, इस मिट्टी के लाल सैं
हरियाणा की छोरी देक्खो, छोरयाँ तै भी आग्गै जावैं
पढण लिखण म्हैं तेज घणी सैं, हरियाणा की शान सैं
इब यें व्हाई जहाज चलावैं, अंतरिक्ष म्हैं जा कै आवैं
कल्पना चावला नै बढाया, सारे देश का मान सै
सारे देस का पेट भरै सै, मेहनत दिन अर रात करै सै
धरती माँ का सै वा पुजारी, बोवै गेहूँ धान सै
गात सारा टूटदा हो चै, स्याळा हो चाहे घाम हो
खून पसीना एक करै वा, हरियाणे का किसान सै
बीन बाँसळी की अवाज, बैंजू जिसा ना कोए साज
तासा बाज्जै डेरू बाज्जै, सात सुराँ का राज सै
कान्नां म्हैं मिसरी-सी घुळ जै, घड़वे की आवाज सुणै जिब
आड़ै के संगीत नै तो, सुरसती का आसिरवाद सै
साम्मण के जिब गीत गूंजैं, भाई कोथली ले कै आवै
सलूमण के त्यौहार म्हैं तो, भाई बाहण का प्यार सै
फाग की मसती म्हैं देखो, देवर भाभी बोळे होरे
कोरड़याँ की मार भी लाग्गै, जणूँ फुल्लाँ का हार सै
चै तो कोए पोप गाओ, कोए रोळ घचोळ मचाओ
गाम्माँ म्हैं तो सुणै दाद्दा, लखमी चंद के सांग सैं
रागणी सुण कै मसती छावै, किस्सा जिब कोए हीर सुणावै
बूढ्याँ नै जवानी सूझै, सुण लीलो-चमन का सांग रै
आड़ै की संसकिरती सारी, देस दुनिया तै सै न्यारी
या धरती म्हानै जान तै प्यारी, इस पै दिल कुरबान सै
माणस न्हैं माणस जिब दिक्खै, गात सारा हरा हो जै
माणसपन सै धरम अड़ै का, माणस की सारे जात सैं
धरम करम के जिकरे म्हैं तो, ना आड़ै कोए भेदभाव सै
एक्के घर म्हैं बसैं ज्यूकर, मोहम्मद अर राम सैं
ईद हो दीवाली हो चै, सारयाँ कै खुसहाली हो बस
हाथ जोड़ कै सारे मांगै, दुनिया खातर वरदान रै
आओ सार रळ कै आओ, सारे मिल कै ठाणा ठाओ,
पूरी दुनिया म्हैं बढावैं, इस धरती का मान रै
खाँड सी घुळ जै सै मुँह म्हैं, बोल्लै जिब हरियाणवी बोल्ली
जय हरियाणा म्हारा नारा म्हारा देस महान सै।   

गगन