foolnama
क्योंकि एक नुक्ते का फ़र्क फूल को फ़ूल बना देता है...
Thursday, September 26, 2024
*दिल पे ना लें*
Tuesday, September 17, 2024
उसकी आवाज़
Thursday, August 22, 2024
काश! कृष्ण तुम ऐसा करते
Wednesday, August 7, 2024
दांव सियासी
98 तक पहुंच गई
99 पर था एक सांप
सांप था या साज़िश
ज़हर था या सियासत
काश! कुचल पाती
उस सांप का फन
अपने पांव से
पहलवानी दांव से
जीत लाती असली स्वर्णकाल
लिख देती इतिहास
नाम देश के
जो आता सचमुच
काम देश के
उन लाखों बच्चियों के
जिन्हें नहीं मिलता मौका
कोख से बाहर आने का
उन हज़ारों लड़कियों के
जिनके लिए मुश्किल है
राह स्कूल कॉलेज जाने का
उन अनेकों युवतियों के
जिन्हें नहीं आज़ादी
सपने देख उन्हें सच करने की
देती एक उम्मीद उन्हें
अंधेरे में रोशनी की दीद उन्हें
पर इक सांप ने खेल बिगाड़ा है
घड़ियाली आंसुओं का लिया सहारा है
पर झूठ ज़्यादा दिन नहीं चलेगा
क्योंकि झूठ के नहीं होते पांव
मैं फिर से उठूंगी.. खेलूंगी पहलवानी दांव
और फिर से पहुंचूंगी अपनी मेहनत के दम पर
100 के शिखर पर... स्वर्णिम पल पर
बस याद रखना हमेशा
कि मैं हारी नहीं हूं.. हराई गई हूं
दस्तावेज़ी दांव में फंसाई गई हूं
पर आग में तपकर आई हूं मैं
कुंदन बन कर चमक फैलाऊंगी
मैं उठूंगी.. लड़ूंगी फिर... और जीतूंगी
विनेश हूं मैं... जीतने के लिए आऊँगी
गगन