जान हथेली पर रख कर तेरे दर आए हैं
ठुकरा दे या कर ले प्यार ये तेरी मर्जी है
प्यार में उसके हिस्से के आंसू भी मैंने पिए
अजब इश्क़ की प्यास में ऐसी ही खुदगर्ज़ी है
जिन्दगी तेरे इम्तिहां जो अब तक पास किए
कोई सर्टिफिकेट तो दे दे या सारे ही फ़र्जी हैं
कैसे काटें, छोटी-बड़ी या कोई फिटिंग करें
तेरे लिए अ' जिन्दगी कहाँ बैठा वो दर्ज़ी है
ये रोज़ रोज़ के नाज़ो नखरे सहन नहीं होते
छोड़ो गगन ये उनका चमन, वक्त की अर्ज़ी है
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