मेरे देश की आज नई तस्वीर देख लो
कुंद हुई इंसाफ की सब शमशीर देख लो
इंसानियत सरे बाज़ार हुई तार तार है
नरभक्षियों के हक में खड़ी ये भीड़ देख लो
राम के भक्त, रहीम के बन्दे परेशान हैं
धर्म की किसने की बदरंग तस्वीर देख लो
अबके कोयल सावन रुत ना कूकें शायद
भेड़ियों ने सब तोड़ ली हैं जंज़ीर देख लो
पानी में मिला लहू और खून हो गया पानी
भाईचारा नफरत ने किया तक़्सीम देख लो
ये मेरा वो तेरा हर तरफ आग लगी है
भूल गए सब गंगा जमुनी तहजीब देख लो
बातचीत के जो भी ज़रिए थे सब उसके थे
फिर उसने खींची खामोशी की लकीर देख लो
मुंसिफ कैसे मुफलिस की फरियाद सुनेगा
खड़े कटहरे में राजा और वज़ीर देख लो
किस से जाकर कहें 'गगन' इंसाफ दिला दो
क़ातिलों से मिल गए मेरे ये वकील देख लो
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