Tuesday, December 8, 2015

सबको सन्मति दे भगवान !


दिल्ली में प्रदूषण का स्तर जब अति की अति को पार करने लगा तो सरकार ने एक फैसला किया... गाड़ियों के नंबर के हिसाब से सड़क पर चलने की इजाज़त देने का... प्रतिक्रिया हर स्तर पर हुई... कहीं विरोध के रूप में... कहीं स्वीकार करके... कहीं चर्चाओं में तो कहीं चुटकुलों में... क्या हम हर चीज़ को राजनीति के चश्मे से देखने के आदी हो गए हैं... असल में हमारे देश में कुछ कुर्सियों के साथ एक-दो टैग लगे हुए हैं... वीआईपी... वीवीआईपी... वीवीवीआईपी... इन टैग वाली कुर्सियों पर बैठने वाले लोग कितने ही मुद्दों को ना तो उस तरीके से महसूस कर पाते हैं जैसा आम लोगों को होता है ना ही इन लोगों पर उस तरह से मुद्दों का असर होता है जैसा आम जनता पर होता है.... फिर बात चाहे महंगाई की हो... भ्रष्टाचार की हो... या ऐसे ही किसी दूसरे मुद्दे की... दिल्ली में बढते प्रदूषण की मार को राज्य सरकार ने समझा और एक फैसला लेने की कोशिश की है... ऐसे फैसले पूरे देश में लिए जाने चाहिएं... पर इनके साथ ही एक चीज़ को सुधारने की ज़रूरत है... सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था....। दिल्ली में इसकी हालत ज़्यादा बेहतर नहीं... खास कर तब जब सुबह और शाम का अति व्यस्त समय होता है... मेट्रो हो... बसें हों... ऑटो हों... सभी या तो खचाखच भरे... या फिर रेट कुछ ऐसे कि आप हायर करने से पहले सोचें... इसे आम आदमी की जद में लाना भी ज़रूरी है... केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी खुद जाम में दो घंटे के लिए फंसे तो साथ ही संकल्प लिया कि दिल्ली को जाम से मुक्त करेंगे... असल में वीआईपी टैग्स अगर कुछ एक दिन के लिए खत्म हो जाएं तो लगता है कि देश की काफी सारी समस्याएं भी खत्म हो जाएंगी... क्योंकि सो कॉल्ड वीआईपीज़ को एहसास हो जाएगा कि इस देश में बिना वीआई वाला शख्स सिर्फ 'पी' बनकर कैसे रह रहा है... हर चीज़ को राजनीति नहीं... अपनी अगली पीढी के लिहाज़ से भी देखिए... उसे आप किस माहौल में जीने देंगें.... साफ सुथरे या मास्क से ढके चेहरों वाले... और अगर राजनीति का ज़्यादा ही बुखार है तो फिर पेरिस में जलवायु परिवर्तन पर हुए सम्मेलन में भी कोई सियासी दांव पेच ढूंढ लेना... वैसे याद दिला दूं कि भारत की ओर से पीएम मोदी और कैबिनेट मंत्री भी इस सम्मेलन में गए थे... सब बातों में सियासत नहीं कुछ एक में सहमति का रास्ता भी देखिए... क्योंकि सहमति से सन्मति और सन्मति से सुंदर समाज बनता है...

ईश्वर अल्लाह तेरो नाम
सबको सन्मति दे भगवान 

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