ओ राजा! तेरे राज में चर्चा आम हुआ है
काम हुआ है काम हुआ है काम हुआ है
तेरे अपने, अपनों के अपने, काटें मलाई
जनता सोए फुटपाथ पे लेकर फटी रजाई
इंसानों का जीवन जैसे श्वान हुआ है
इसे कहते हो काम हुआ है काम हुआ है
पूछें सवाल तो दरबारों से बाहर निकालें
दरबारी कवि बने सवाल सब पूछने वाले
चाटुकारिता रीति का पुनरुत्थान हुआ है
इसे कहते हो काम हुआ है काम हुआ है
संस्कृति समाज की बंद दरो दीवार में रह गई
गंगा जमुनी तहजीब की धारा कहाँ को बह गई
उसका हर बंदा आज रहीम और राम हुआ है
इसे कहते हो काम हुआ है काम हुआ है
घर की मुर्गी दाल बराबर तुमने है करदी
बाहर से दाल मंगा, कीमत मुर्गी सी करदी
अपने खानसामाओं को तो नुकसान हुआ है
इसे कहते हो काम हुआ है काम हुआ है
याद रखो गर जनता कभी ये शपथ उठाए
तुम जैसे दंभी को जब ये सुपथ दिखाए
इतिहास में आम लोगों ने जब संग्राम किया है
फिर सब कहते हैं काम हुआ है काम हुआ है
अब भी वक्त है संभल जाओ ये स्थिति संभालो
जन सेवक हो राजा का गुरूर ना मन में पालो
कुछ करने से हर मुश्किल का समाधान हुआ है
कहें धरती-गगन फिर काम हुआ है काम हुआ है
गगन
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